फिर से

तुम से एक बार फिर से प्यार हो रहा है। 
हाँ इस बार इज़हार हो रहा है।
तेरे ऑनलाइन आने का इन्तेजार हो रहा है।
मुझे एक बार फिर से तुम से प्यार हो रहा है।
खुद समझ कर तुझको समझने का क्रिया लागतार चल रहा है।
दिल तेरी प्यारी सी हरकतों पर फिर से मचल रहा है। 
हाँ मुझे एक बार फिर तुम पर विस्वास हो रहा है।
मुझे तुम से प्यार हो रहा है।
तेरे ख्याल में यह धड़कने बार-बार धड़क रहा है।
मुझे शायद एक बार फिर तुम से इश्क का लग्न लग रहा है।
हाँ मुझे तुम से हीर-रांझा सा प्यार हो रहा है।
     -राधा माही सिंह

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