पूर्व प्रेमीका
मुझे कोई राह बता दो
कोई मुझे उस पार करा दो।
है उसका जहां ठिकाना मुझे कोई तो उस जगह पहुंचा दो।
मैंने उसे मयखाने में भी ढूंढा है, वो वहां भी अब नहीं रहता!
कोई तो मुझे उसके "पूर्व प्रेमीका" का पता दो।
अच्छा छोड़ो...!!?
वो कैसा है कम से कम कोई यही बता दो?
क्या उसे मेरी बेख्याली नहीं खाती?
क्या उसे मेरी याद नहीं आती?
क्या उसे मेरी तन्हाई नज़र नहीं आती?
कोई उसे मेरा ही हाल बता दो।
मैं ढूंढ रही हूँ "दर- बदर" कोई तो उस तक यह बात पहुँचा दो।
वो कहा है,कैसा है,कोई तो बता दो।
- राधा माही सिंह
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