भाग 1

डियर गर्ल्स...!!
अपने अस्तित्व बचाने के प्रयास में अपने सपनों के साथ समझौता मत कर देना।
आप से अस्तित्व है अस्तित्व से आप शायद हो सकते है।
मैने कहा शायद!!!!
आप अपने आप के लिए जीवन शुरू कर दो।
ये समाज और समाज के ठेकेदार कभी आपको सही नज़रों से देखेंगे ही नहीं क्योंकि इनकी नीयत पहले से ही त्य किया हुआ है।
वो आपको किसी वस्तु की तरह देखते है, उनके अनुसार जिसका मोल बाजार में पहले से ही त्य किया जा चुका है ।
डियर गर्ल्स...!!!
आपके आस पास भी कई ऐसी औरतें या कई ऐसे लोग होंगे जो आपको आपको बनने से रोकती है।
क्योंकि उनको डर है कि कही आप उनसे बेहतर न बन जाओ।
वो डरती है कि आप उनसे आगे न निकल जाओ।
वो डरती है कि कही आप उनसे जोड़ा ताकतवर न बन जाओ।
डियर गर्ल्स....!!
ये बात याद रखना तुम्हे तुम्हारी जंग खुद लड़नी होगी।
खुदको कही प्रूफ करने से पहले, खुदके लिए जीना सीखना होगा।
तुम्हे जो करना है।
जैसे रहना है, तुम रहना।
डियर गर्ल्स....!!!
अगर तुम्हारे पर्स टांग लेने से तुम चरित्र हीन बन जाती हो तो हाँ हो तुम चरित्र हीन यह उपलब्धि को भी स्वीकार करो मैने किया है।
अगर तुम्हें तुम्हारे संघर्षों के कारण जानने के बावजूद भी यह सुनने को मिले कि तुम बिकाऊ हो तो तुम मानो की तुम बिकाऊ हो मगर कीमत तुम लगाना उसके हलक से ज़ुबान निकल कर मैने किया है।
तुम भी करना अच्छा लगता है।
🙂‍↔️🙂‍↔️🙂‍↔️

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